Udaipur: आगामी होली पर्व को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत शुद्ध आहार मिलावट विशेष अभियान की शुरुआत की गई है. इस अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि मिलावटी एवं अनसेफ खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके.

जिला Collector श्रीमान नमित मेहता एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य के निर्देशानुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता ने मैसर्स- शौर्य रेजिडेंसी, गुलाब बाग, Udaipur का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान वहाँ खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया.
निरीक्षण में मिली अनियमितताएँ:
- ि अवधि पार खाद्य सामग्री:
- 400 ग्राम वाले तीन ब्रेड के पैकेट ि अवधि पार पाए गए.
- 6 लीटर दूध की एक थैली ि अवधि पार थी, जिसे मौके पर ही नष्ट कराया गया.
- दूध की गुणवत्ता पर संदेह होने के कारण दही का नमूना जांच हेतु लिया गया और प्रयोगशाला में भेजा गया.
- प्रतिष्ठान के मैनेजर को ि अवधि पार खाद्य सामग्री नहीं रखने एवं ‘First In First Out’ नियम का पालन करने के निर्देश दिए गए.
- पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट उपलब्ध नहीं:
- प्रतिष्ठान में खाना बनाने में प्रयुक्त किए जा रहे पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट नहीं पाई गई.
- इस संबंध में संबंधित प्रतिष्ठान को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
किराना एवं मिष्ठान भंडारों पर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह चौहान द्वारा पंचवटी क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें निम्नलिखित सैंपल लिए गए:
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महेंद्र किराना स्टोर से:
- जीरा, मसूर दाल, पोषण सरसों तेल के सैंपल लिए गए.
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शिवम मिष्ठान भंडार से:
- गुलाब जामुन, बेसन लड्डू, मावा पेड़ा के सैंपल लिए गए.
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ओम शिव मिष्ठान से:
- केसर बाटी का सैंपल लिया गया.
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जय भोले मिष्ठान (दिल्ली गेट) से:
- पुराना खाद्य तेल, लाल मिर्च एवं हल्दी पाउडर के सैंपल लिए गए.
- प्रतिष्ठान में फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड नहीं पाया गया, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत अनिवार्य है.
कानूनी कार्रवाई एवं दंड का प्रावधान
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस (इम्प्रूवमेंट नोटिस) जारी किया जाएगा.
- यदि नमूना मिसब्रांड (गलत लेबलिंग) पाया जाता है, तो 3 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है.
- यदि खाद्य पदार्थ सब-स्टैंडर्ड (गुणवत्ता में कम) पाया जाता है, तो 5 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है.
- यदि खाद्य पदार्थ असुरक्षित (अनसेफ) पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति को 6 माह से लेकर आजीवन कारावास और 1 लाख से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.
खाद्य सुरक्षा विभाग की अपील
होली पर्व पर शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान जारी रहेगा. खाद्य सुरक्षा विभाग ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और स्वच्छ खाद्य सामग्री का ही उपयोग करें.
इस अभियान के तहत सभी प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. यदि कोई भी प्रतिष्ठान मिलावटी, अनसेफ या ि अवधि पार खाद्य सामग्री बेचता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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