उदयपुर। ए.सी.बी. (ACB) मुख्यालय के निर्देशन में ए.सी.बी. स्पेशल यूनिट, उदयपुर द्वारा कार्रवाई करते हुए आरोपी श्री देवेन्द्र सिंह राणावत, भू-अभिलेख निरीक्षक (Land Record Inspector), वृत्त दरौली, उदयपुर, हाल तहसील कार्यालय वल्लभनगर, उदयपुर (तहसीलदार वल्लभनगर के मौखिक आदेश से) को परिवादी से 15,000 रुपये रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) के महानिदेशक पुलिस श्री गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ए.सी.बी. चौकी स्पेशल यूनिट, उदयपुर को दिनांक 13.02.2026 को एक शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत में बताया गया कि परिवादी की राजस्व ग्राम राणाकुई, पटवार हल्का गोटिपा, तहसील वल्लभनगर, जिला उदयपुर में करीब पांच बीघा कृषि भूमि स्थित है। सेग्रिगेशन कार्यवाही के दौरान त्रुटिवश उक्त भूमि की किस्म बारानी तृतीय के बजाय भवन (Building Category) दर्ज हो गई थी।
भूमि की शुद्धि (Correction) के लिए परिवादी ने तहसीलदार वल्लभनगर के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इस पर तहसीलदार ने जांच के लिए संबंधित पटवारी, पटवार मंडल गोटिपा को भेजा। इसी दौरान तहसील कार्यालय वल्लभनगर के भू-अभिलेख निरीक्षक श्री देवेन्द्र सिंह राणावत ने भूमि शुद्धिकरण कार्य करवाने के एवज में परिवादी से 15,000 रुपये रिश्वत राशि की मांग की।
इस पर ए.सी.बी. के डॉ. रामेश्वर सिंह, उप महानिरीक्षक पुलिस (DIG) के सुपरविजन में ए.सी.बी. स्पेशल यूनिट उदयपुर के प्रभारी अधिकारी श्री राजीव जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) के नेतृत्व में श्री लक्ष्मणलाल डांगी, पुलिस निरीक्षक द्वारा दिनांक 13.02.2026 एवं 23.02.2026 को रिश्वत मांग सत्यापन (Verification) की कार्यवाही करवाई गई। सत्यापन के दौरान आरोपी ने भूमि की किस्म भवन के बजाय बारानी तृतीय दर्ज कराने के लिए तहसीलदार से आदेश करवाकर अपनी आरपीजी (RPG ID) आईडी से अपलोड करने के एवज में 15,000 रुपये रिश्वत की मांग की।
सत्यापन में रिश्वत मांग की पुष्टि होने के बाद आज ए.सी.बी. टीम ने ट्रैप (Trap Operation) कार्रवाई करते हुए आरोपी को परिवादी से 15,000 रुपये रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सत्यापन वार्ता के दौरान आरोपी आरआई ने उक्त शुद्धिकरण आदेश “साहब” (तहसीलदार वल्लभनगर) से करवाने की बात कहते हुए रिश्वत की मांग की थी, जिससे मामले में तहसीलदार वल्लभनगर, उदयपुर की भूमिका संदिग्ध (Suspicious) पाई गई है।
ए.सी.बी. की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। ए.सी.बी. द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
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