जयपुर, 09 अप्रैल, 2026। जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission Scam) में हुए व्यापक भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी (ACB) की एसआईटी (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य सचिव (Retired IAS) सुबोध अग्रवाल को दिल्ली से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है। प्रकरण संख्या 245/2024 में यह कार्रवाई की गई है और मामले में अग्रिम अनुसंधान (Further Investigation) जारी है।

जांच में सामने आया कि मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कम्पनी के प्रोपराइटर महेश मित्तल और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कम्पनी के प्रोपराइटर पदमचंद जैन ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (IRCON International Ltd.) के फर्जी प्रमाण पत्र (Fake Certificates) तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के उच्च अधिकारियों के साथ मिलीभगत (Collusion) की। इसके जरिए करीब 960 करोड़ रुपये के टेंडर (Tender Scam) हासिल कर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया।
इसके अलावा तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव पीएचईडी सुबोध अग्रवाल और अन्य अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने आपराधिक मंशा (Criminal Intent) से 50 करोड़ रुपये से अधिक के मेजर प्रोजेक्ट्स में साइट विजिट प्रमाण पत्र (Site Visit Certificate) की अनिवार्यता को नियमों के विरुद्ध शामिल किया। इससे बोलीदाताओं (Bidders) की पहचान उजागर हुई और टेंडर पुलिंग (Tender Pooling) के कारण 30 से 40 प्रतिशत तक असामान्य प्रीमियम (High Tender Premium) प्राप्त हुआ, जिसे विभागीय अधिकारियों ने मंजूरी दी। इन टेंडरों की कुल राशि लगभग 20 हजार करोड़ रुपये बताई गई है।
मामले में पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी (Senior Officials) और निजी व्यक्ति शामिल हैं। वहीं तीन फरार आरोपियों—मुकेश गोयल, जितेंद्र शर्मा और संजीव गुप्ता—के खिलाफ न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट (Arrest Warrant) जारी किए गए हैं और उन्हें उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है। उनकी संपत्ति कुर्क (Property Attachment) करने की कार्रवाई भी जारी है।
इसी प्रकरण में पांच अन्य आरोपियों को माननीय उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर राहत (Relief from Arrest) मिली हुई है।
अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ (Interrogation) जारी है। वहीं उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह और ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में गठित एसआईटी द्वारा तकनीकी (Technical Evidence) और दस्तावेजी साक्ष्यों (Documentary Evidence) का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।
Author Profile

- My name is Ganpat Singh Choughan. I am an experienced content writer with 7 years of expertise in the field. Currently, I contribute to Daily Kiran, creating engaging and informative content across a variety of categories including technology, health, travel, education, and automobiles. My goal is to deliver accurate, insightful, and captivating information through my words to help readers stay informed and empowered.
Latest entries
PoliticsMay 25, 2026Congress Leaders Visit Ajmer Sharif Dargah, Seek Blessings for Peace and Prosperity
UDAIPURMay 24, 2026Body Found in Vacant Plot in Savina Area
HEADLINESMay 24, 2026Sachin Pilot Pays Tribute to Late Student Pradeep Meghwal in Jhunjhunu
EducationMay 23, 2026Congress Criticizes NEET Paper Leak Amid Student Tragedy


